वायगोत्स्की और कोहलबर्ग का सिद्धांत: सामाजिक, नैतिक विकास और तुलना
वायगोत्स्की और कोहलबर्ग का सिद्धांत: सामाजिक, नैतिक विकास और तुलना "> "> "> वायगोत्स्की और कोहलबर्ग का सिद्धांत: सामाजिक, नैतिक विकास और तुलना पिछली पोस्ट में हमने जाना कि जीन पियाजे के अनुसार बच्चा अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं कैसे करता है। लेकिन क्या इस प्रक्रिया में हमारे समाज, हमारी संस्कृति और हमारे नैतिक मूल्यों की कोई भूमिका है? इसी महत्वपूर्ण प्रश्न का उत्तर हमें दो अन्य महान मनोवैज्ञानिकों - लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) और लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के सिद्धांतों में मिलता है। M.S.WORLD The World of HOPE में आपका स्वागत है! आज के इस लेख में हम बाल विकास के दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों को समझेंगे। हम जानेंगे कि वायगोत्स्की के अनुसार हमारा सामाजिक वातावरण हमारी सोच को कैसे आकार देता है, और कोहलबर्ग के अनुसार हमारे सही-गलत के निर्णय समय के साथ कैसे विकसित होते है...