"M.S.WORLD में आपका स्वागत है! यहाँ हम छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों की प्रतियोगी परीक्षाओं (CG PSC, VYAPAM, TET) के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले सॉल्व्ड पेपर्स, स्टडी मटेरियल और GK क्विज़ प्रदान करते हैं। सफलता की राह में आपके भरोसेमंद साथी।"
यहां आपको सभी प्रकार के प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित सभी विषयों के पोस्ट मिलेंगे ।
A Complete Competitive and Motivational Platform.
CTET 2023 हिंदी भाषा-II हल प्रश्न पत्र: इंटरैक्टिव क्विज़ | Hindi Language 2 Quiz
लिंक पाएं
Facebook
X
Pinterest
ईमेल
दूसरे ऐप
CTET 2023 हल प्रश्न पत्र: भाषा II - हिंदी (Paper I, Set A) - इंटरैक्टिव क्विज़ | M S WORLD
CTET 2023 हल प्रश्न पत्र: भाषा II - हिंदी (Paper I, Set A)
परिचय
नमस्कार दोस्तों, M.S.WORLD The WORLD of HOPE में आपका स्वागत है।
यह पोस्ट **केन्द्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) 2023** के प्रश्न पत्र **(पेपर I, सेट A)** में से **भाग V: भाषा II (हिंदी)** के सभी 30 प्रश्नों पर आधारित एक इंटरैक्टिव क्विज़ है। इसमें गद्यांश और शिक्षण शास्त्र (Pedagogy) के प्रश्न शामिल हैं, जो आपको परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद करेंगे।
क्विज़: CTET भाषा II - हिंदी (प्रश्न 121-150)
गद्यांश (प्रश्न 121 से 127)
"जीवन में कभी अभाव का दुख, कभी स्वभाव का और कभी दुर्भाव का और इससे भी ऊपर सदैव तनाव का दुख घेरे रहता है। इन्हीं दुखों के वशीभूत हम टकराव की ज़िंदगी जीते हुए बिखराव का दुख भोगते हैं। दुखों से सभी डरते हैं, क्योंकि दुख अप्रिय हैं। दुखों से दूर रहने और सुख पाने की चाह में हम नए-नए पापों में प्रवेश करने लगते हैं। यही हमारी सबसे बड़ी भूल होती है। पाप का फल सुख रोकता है। सुख चाहिए तो पापों से मुक्त होने की चाह जागृत करनी होगी। दुखों से छुटकारा और सुख प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है धर्म को आत्मसात करना। जहाँ धर्म है, वहाँ पाप नहीं है और जब पाप नहीं तो वहाँ दुख नहीं। जहाँ दुख नहीं वहाँ सुख को अनंत होने का पूरा अवसर प्राप्त होता है। दुख हमारी भूल और हमारे मानवीय स्तर से गिरकर घिनौने कर्मों का फल है।"
121. गद्यांश के अनुसार सबसे बड़ा दुख है:
अभाव का
स्वभाव का
पीड़ा का
तनाव का
122. सबसे बड़ी भूल है:
सुख पाने के लिए ग़लत काम करना।
सुख पाने के लिए साधना करना।
दुख से छुटकारे के लिए संन्यास लेना।
दुख से दूर भागना और एकांतवास।
123. सुख कहाँ होता है?
जहाँ मानवता नहीं होती।
जहाँ धन-संपदा हो।
जहाँ धर्म होता है।
जहाँ सुखी लोग होते हैं।
124. गद्यांश के मूल विषय में शामिल नहीं है:
दंड
सुख
दुख
धर्म
125. ग़लत कार्य करने से ________ की हानि होती है।
पाप
सुख
दुख
सम्मान
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार, "पाप का फल सुख रोकता है।"
126. किस शब्द में 'इक' प्रत्यय का प्रयोग संभव है?
धर्म
सुख
दुख
पाप
व्याख्या: धर्म + इक = धार्मिक
127. समूह से भिन्न शब्द है:
धर्म
सुख
दुख
पापी
व्याख्या: धर्म, सुख और दुख भाववाचक संज्ञा हैं, जबकि 'पापी' विशेषण है।
गद्यांश (प्रश्न 128 से 135)
"भारत में पर्व, उत्सव और मेलों की सदियों पुरानी परंपरा है। इनके ज़रिए ना सिर्फ़ संस्कृति समृद्ध होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है। मणिपुर में 'संगाई महोत्सव' आयोजित किया गया। मणिपुर इतने प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि से भरा ऐसा राज्य है कि हर कोई यहाँ एक बार ज़रूर आना चाहता है। 'संगाई महोत्सव' जैसे आयोजन निवेशकों और इंडस्ट्री को भी आकर्षित करते हैं। इस बार का आयोजन पहले से और भी ज़्यादा भव्य स्वरूप में सामने आया है जो मणिपुर के लोगों की भावना और उनके जज़्बे को दिखाता है। यह महोत्सव पहले इंफाल तक ही सीमित रहता था, लेकिन इस बार पूरे राज्य में इसका आयोजन किया गया है। जब ऐसे आयोजनों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ जोड़ा जाता है, तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है।"
128. 'संगाई महोत्सव' का आयोजन ________ में किया गया।
उत्तर-पूर्व राज्यों
सभी राज्यों
मणिपुर
शंघाई
129. भारत की परंपरा में निम्नलिखित में से कौन-सा शामिल नहीं है?
संघर्ष
त्योहार
उत्सव
मेले
130. मणिपुर ________ के लिए प्रसिद्ध है।
कला और कारीगरी
स्थानीय उद्योग
प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक समृद्धि
उत्सव-महोत्सव
131. संगाई महोत्सव के आयोजन से ________ को भी लाभ मिलता है।
अर्थव्यवस्था
सांस्कृतिक उत्सव
विदेशी पर्यटन
प्राकृतिक सौंदर्य
व्याख्या: गद्यांश में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि "स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बहुत ताकत मिलती है।"
132. पहले और अब के महोत्सव के आयोजन में मूल अंतर क्या है?
पहले मणिपुर में, अब दक्षिण भारत में
पहले इंफाल में, अब पूरे उत्तर-पूर्व में
पहले केवल इंफाल में, अब पूरे राज्य में
पहले मणिपुर में, अब उत्तर भारत में
133. 'महोत्सव' का संधि-विच्छेद है:
मह + उत्सव
महो + त्सव
महा + उत्सव
महान + उत्सव
व्याख्या: यह गुण संधि का उदाहरण है (आ + उ = ओ)।
134. 'इत' प्रत्यय का उदाहरण है:
प्रकृति
सांस्कृतिक
संस्कृति
आकर्षित
व्याख्या: आकर्ष + इत = आकर्षित
135. गद्यांश में किसकी क्षमता के सामने आने की बात की गई है?
स्थानीय कलाओं की
महोत्सव की
मणिपुर की
सांस्कृतिक समृद्धि की
व्याख्या: गद्यांश की अंतिम पंक्ति है, "...तभी इसकी पूरी क्षमता सामने आ पाती है," यहाँ 'इसकी' महोत्सव के लिए प्रयुक्त हुआ है।
136. छोटे बच्चों के लिए पाठ योजना बनाते समय अध्यापिका ने समग्र भौतिक प्रतिक्रिया (टीपीआर) विधि पर ध्यान केन्द्रित करने का निर्णय लिया। पाठ में समग्र भौतिक प्रतिक्रिया (टीपीआर) शामिल करने के लिए अध्यापिका को निम्नलिखित में से क्या करना चाहिए?
गतिविधि न करवा कर प्रश्न पूछे जाएँ और उत्तर देने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
कक्षा में कुछ शारीरिक गतिविधियाँ करनी चाहिए।
ऐसी गतिविधियाँ करवाएँ जो अपनी-अपनी सीट पर बैठे-बैठे हो सकें और जोड़ों या समूह में काम करने के मौके दें।
कक्षा में कुछ श्रवण संबंधी गतिविधियाँ करवायी जाएँ।
137. व्याकरण सिखाने का कौन-सा उपागम इस मत को प्रोत्साहित करता है कि भाषा अधिगम नियमों को सीखने से संबंधित है?
व्याकरण अनुवाद
निगमनात्मक
आगमनात्मक
सम्प्रेषणात्मक
व्याख्या: निगमनात्मक (Deductive) उपागम में पहले नियम बताए जाते हैं और फिर उदाहरण दिए जाते हैं, जो 'नियमों को सीखने' पर जोर देता है।
138. एक अध्यापक कक्षा V के शिक्षार्थियों को मुक्त लेखन कार्य देने की योजना बना रहा है। अधिकांश अध्यापकों द्वारा निम्नलिखित में से किस बात पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए?
शिक्षार्थियों की लिखावट
विषय-वस्तु की सटीकता
विषय-वस्तु में प्रवाहता
प्रवाह और सटीकता दोनों पर ही ध्यान देना चाहिए
व्याख्या: मुक्त लेखन (Free writing) का मुख्य उद्देश्य विचारों के प्रवाह (Fluency) को प्रोत्साहित करना होता है, न कि व्याकरणिक सटीकता पर जोर देना।
139. 'टॉप-डाउन' से आशय है – 'समग्र अर्थ पर ध्यान देना'। 'अधोमुखी (बॉटम-अप)' से क्या आशय है?
लघु-उत्तरीय प्रश्न पूछने पर ध्यान देना
पाठ्य-वस्तु और अमूर्त विचारों के सार पर ध्यान देना
पठन-पूर्व पर ध्यान देना
पाठ्य-वस्तु के शब्दों और वाक्यों पर ध्यान देना
140. भाषा अध्यापक का प्राथमिक दायित्व क्या होना चाहिए?
शिक्षार्थियों को निर्देश देना
शिक्षार्थी की सम्प्रेषणात्मक आवश्यकताओं की पहचान करना
शिक्षण के लिए उपयुक्त विषय-वस्तु का चयन करना
शिक्षार्थियों के विभिन्न वर्ग समूह बनाना
141. एक छोटी बच्ची कोई एक पुस्तक उठाती है, उसे सीधी तरफ से पकड़ती है, और उसके पृष्ठ पलटती है। इन सबमें क्या सम्मिलित है?
उद्गामी समाधान कौशल
उद्गामी (इमरजेन्ट) साक्षरता कौशल
उद्गामी पाठ्यचर्या
उद्गामी गुणधर्म
142. निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए: अभिकथन (A): शिक्षार्थी भाषा अर्जित करते हैं क्योंकि वे ऐसा करने के लिए आनुवंशिक रूप से पूर्वानुकूलित होते हैं और ऐसे में परिवेश की कोई भूमिका नहीं होती है। तर्क (R): भाषा अर्जन में शिक्षार्थी-केन्द्रित कक्षायी परिवेश का बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है।
(A) ग़लत है, परन्तु (R) सही है।
(A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(A) सही है, परन्तु (R) ग़लत है।
व्याख्या: चॉम्स्की के अनुसार बच्चे आनुवंशिक रूप से भाषा सीखने के लिए अनुकूलित होते हैं, लेकिन यह कहना कि परिवेश की कोई भूमिका नहीं है, पूरी तरह गलत है। भाषा अर्जन में परिवेश की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है (R सही है)। अतः (A) गलत है।
143. पठन सिखाने के उस तरीके को क्या कहा जाता है जिसमें शब्दों के अर्थ को प्रयुक्त संदर्भों के अनुसार समझने पर बल दिया जाता है?
संरचनात्मक उपागम
सम्प्रेषणात्मक उपागम
अधोमुखी (बॉटम-अप) उपागम
समग्र भाषा उपागम
व्याख्या: समग्र भाषा उपागम (Whole Language Approach) में भाषा को उसके समग्र रूप में और संदर्भ में समझने पर जोर दिया जाता है।
144. भाषा के बारे में चिन्तन करने और बात करने की योग्यता को क्या कहेंगे?
अधिभाषिक (विचार-विमर्श) योग्यता
ध्वन्यात्मक जागरूकता
निपुण वक्ता
उद्गामी साक्षरता
व्याख्या: अपनी भाषा या किसी अन्य भाषा पर चिंतन करने और उसके बारे में बात करने की क्षमता को अधिभाषिक (Metalinguistic) योग्यता कहते हैं।
145. एक माँ ने कक्षा II की अध्यापिका से पूछा कि मैंने इस बात पर ध्यान दिया है कि मेरी बच्ची कभी-कभी ऐसे शब्द बोल जाती है जो उसने कभी अपने वयस्कों या भाई-बहनों से नहीं सुने हैं। यह कैसे संभव है?
रचनावादी उपागम के अनुसार, बच्चे नई भाषाएँ आविष्कृत करते हैं।
बच्चे भाषा केवल अपने वयस्कों के अनुकरण से ही सीखते हैं।
मनुष्य का मस्तिष्क भाषा सीखने के लिए सहज रूप से अनुकूलित है।
बच्चे भाषा तभी सीखते हैं जब हम बच्चे के भाषायी विकास पर पुनर्बलन देते हैं।
व्याख्या: यह चॉम्स्की के सहजवादी सिद्धांत को दर्शाता है, जिसके अनुसार बच्चों में भाषा सीखने की जन्मजात क्षमता होती है और वे सुने हुए नियमों के आधार पर नए वाक्य और शब्द बना सकते हैं।
146. प्रारंभिक साक्षरता को सुसाध्य बनाने की एक युक्ति है, जिसमें एक वयस्क और एक बालिका दोनों साथ-साथ एक पुस्तक देख रहे हैं, वयस्क प्रश्न पूछता है और आपसी संवाद को प्रोत्साहित करता है। फिर दोनों की भूमिका बदलती है, बालिका वयस्क से प्रश्न पूछती है। यह युक्ति क्या कहलाती है?
कथा वाचन
मॉडल पठन
साझा पठन
संभाषिक पठन
147. एक अध्यापक शिक्षार्थियों के भाषा के श्रवण कौशलों का विकास कैसे कर सकता है?
शिक्षार्थियों को वह सब सुनने के लिए कहना जिसे वे निष्क्रिय होकर सुनते हैं।
शिक्षार्थियों से कक्षा में और कक्षा के बाहर सतत रूप से बात करके।
अन्य भाषिक कौशलों को सम्बद्ध किए बिना केवल श्रवण कौशलों पर ध्यान केन्द्रित करना।
शिक्षार्थियों के लिए ऐसे अवसर सृजित करना जिनमें वे तरह-तरह के भाषा स्रोतों और लोगों से सुन सकें और अन्य श्रवण संबंधी गतिविधियों में संलग्न हो सकें।
148. निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए: अभिकथन (A): प्राथमिक स्तर पर भाषा में सटीकता बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। तर्क (R): व्याकरण प्राथमिक स्तर की पाठ्यचर्या का अभिन्न अंग है।
(A) ग़लत है, परन्तु (R) सही है।
(A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(A) सही है, परन्तु (R) ग़लत है।
व्याख्या: प्राथमिक स्तर पर प्रवाह (Fluency) और संप्रेषण पर अधिक जोर दिया जाता है, न कि अत्यधिक सटीकता पर (A गलत है)। व्याकरण पाठ्यचर्या का हिस्सा होता है, लेकिन संदर्भ में सिखाया जाता है (R सही है)।
149. भाषा, भाषा अधिगम की प्रकृति और शिक्षण-शास्त्रीय व्यवस्थाओं में दोनों की अनुप्रयोगिता के बारे में सैद्धान्तिक स्थितियों एवं मतों को क्या कह सकते हैं?
युक्ति (टेकनीक)
पाठ्यक्रम
विषय-वस्तु
उपागम (Approach)
150. रचनात्मक मूल्यांकन क्या है?
परिवर्तन से संबंधित नहीं है।
शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में क्या हो रहा है।
अधिगम में हो रहे विकास और सुधार से संबंधित है।
कोर्स में एक पूर्वनिर्धारित या विशेष चरण पर किया जाता है।
आपके परिणाम
आपका स्कोर: 0 / 30
भाषा शिक्षण से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: CTET में भाषा I और भाषा II में क्या अंतर है?
भाषा I का कठिनाई स्तर भाषा II की तुलना में थोड़ा अधिक होता है। भाषा I में एक गद्यांश और एक पद्यांश होता है, जबकि भाषा II में दोनों गद्यांश होते हैं। पेडागॉजी का स्तर लगभग समान रहता है, लेकिन भाषा I में साहित्य और गहरी समझ पर अधिक जोर होता है।
प्रश्न 2: भाषा पेडागॉजी के लिए कौन से टॉपिक्स महत्वपूर्ण हैं?
भाषा पेडागॉजी के लिए भाषा अधिग्रहण और सीखना, भाषा शिक्षण के सिद्धांत, श्रवण और वाचन की भूमिका, भाषा कौशल (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना), मूल्यांकन, और उपचारात्मक शिक्षण जैसे टॉपिक्स बहुत महत्वपूर्ण हैं।
निष्कर्ष
हमें उम्मीद है कि CTET 2023 के भाषा II (हिंदी) खंड का यह हल प्रश्न पत्र आपकी तैयारी में उपयोगी साबित होगा। भाषा खंड में अच्छा स्कोर करने के लिए गद्यांश और पद्यांश का अभ्यास करना और पेडागॉजी की अवधारणाओं को समझना बहुत महत्वपूर्ण है।
आपकी सफलता की कामनाओं के साथ, M S WORLD - The World of HOPE 😊
CG TET 2019 बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र सॉल्वड प्रश्न पत्र (Paper 1) | पिछला पेपर, उत्तर व व्याख्या सहित | M S WORLD CG TET 2019 (पेपर 1): बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र - सम्पूर्ण हल प्रश्न पत्र (Set A) उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या सहित नमस्कार दोस्तों, M.S.WORLD The World of HOPE में आप सभी का हार्दिक स्वागत है! छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा (CG TET) की तैयारी कर रहे सभी अभ्यर्थियों के लिए, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करना सफलता की कुंजी है। यह न केवल आपको परीक्षा के पैटर्न और प्रश्नों की प्रकृति से परिचित कराता है, बल्कि आपकी तैयारी के स्तर का आकलन करने में भी मदद करता है। इसी श्रृंखला में, आज हम आपके लिए CG TET 2019 (पेपर 1) के अंतर्गत पूछे गए "प्रथम भाग - बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र" के सभी 30 प्रश्नों (प्रश्न 1 से 30) को उनके सटीक संभा...
CG TET 2019 पर्यावरण अध्ययन सॉल्वड प्रश्न पत्र (Paper 1) | पिछले वर्ष का पेपर उत्तर सहित | M S WORLD M.S. World The World of HOPE नमस्कार दोस्तों! M.S.WORLD The World of HOPE में आप सभी का स्वागत है। 💞 आपकी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का एक विश्वसनीय साथी। परिचय: CG TET 2019 पर्यावरण अध्ययन प्रश्न पत्र का विश्लेषण और महत्व इस व्यापक लेख में, हम आपको **CG TET (छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा) 2019 के पेपर 1 (कक्षा 1 से 5)** के **पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies - EVS)** खंड में पूछे गए सभी प्रश्नों को प्रस्तुत कर रहे हैं। यह पोस्ट उन सभी अभ्यर्थियों के लिए एक अमूल्य संसाधन है जो CG TET, CTET और अन्य राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का गहन अध्ययन आपको परीक्षा के पैटर्न, प्रश्नों के प्रकार और कठिनाई स्तर को समझने में मदद करत...
CGPSC 2020-21 CSAT Paper 2 सॉल्वड: हिंदी, छत्तीसगढ़ी, तर्कशक्ति, गणित (हल सहित) M.S. World The World of HOPE नमस्कार दोस्तों! M.S.WORLD The World of HOPE में आप सभी का स्वागत है। 💞 आपकी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का एक विश्वसनीय साथी। परिचय: CGPSC 2020-21 CSAT प्रश्न पत्र का विश्लेषण और महत्व इस व्यापक लेख में, हम आपको CGPSC (छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग) 2020-2021 की प्रारंभिक परीक्षा के **CSAT (Civil Services Aptitude Test - Paper 2)** के अंतर्गत पूछे गए सभी 100 प्रश्नों का पूर्ण हल प्रस्तुत कर रहे हैं। यह प्रश्न पत्र 14 फरवरी 2021 को आयोजित हुआ था और इसमें **हिंदी भाषा (Hindi Language), छत्तीसगढ़ी भाषा (Chhattisgarhi Language), तर्कशक्ति (Reasoning) और गणित (Mathematics)** जैसे महत्वपूर्ण खंड शामिल हैं। यह मूल प्रश्न पत्र **Set A** से संबंधित है और उन सभी अभ्यर्थियों के लिए एक ...
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें