CTET 2023 हिंदी भाषा-I हल प्रश्न पत्र: इंटरैक्टिव क्विज़ | Hindi Pedagogy Quiz

CTET 2023 हल प्रश्न पत्र: भाषा I - हिंदी (Paper I, Set A) - इंटरैक्टिव क्विज़ | M S WORLD

CTET 2023 हल प्रश्न पत्र: भाषा I - हिंदी (Paper I, Set A)

परिचय

नमस्कार दोस्तों, M.S.WORLD The WORLD of HOPE में आपका स्वागत है।

यह पोस्ट **केन्द्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) 2023** के प्रश्न पत्र **(पेपर I, सेट A)** में से **भाग IV: भाषा I (हिंदी)** के सभी 30 प्रश्नों पर आधारित एक इंटरैक्टिव क्विज़ है। इसमें गद्यांश, पद्यांश और शिक्षण शास्त्र (Pedagogy) के प्रश्न शामिल हैं, जो आपको परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद करेंगे।

क्विज़: CTET भाषा I - हिंदी (प्रश्न 91-120)

91. उस युक्ति का चयन कीजिए जो नीचे दिए गए उदाहरण से मेल खाती है। 'मैं भाषा पर ध्यान केन्द्रित रखती हूँ, मैं इस बात का पूरा ध्यान रखती हूँ कि यह सही हो।'
  1. पर-भाषा-व्यवहार (ट्रांस्लैंग्युजिंग)
  2. याद करना
  3. पुनरावृत्ति करना (दोहराना)
  4. स्व-निरीक्षण

व्याख्या: यह कथन भाषा के प्रयोग की सटीकता पर स्वयं ध्यान केंद्रित करने की प्रक्रिया को दर्शाता है, जिसे स्व-निरीक्षण (Self-monitoring) कहते हैं।

92. कक्षा II के विद्यार्थी एक कविता गा रहे हैं – “यह मेरी नाक है, ये मेरे कान।” यह कविता गाते समय वे शरीर के जिस अंग का नाम लेते हैं, उस अंग को स्पर्श भी करते हैं। अध्यापिका किस विधि का प्रयोग कर उन्हें सिखा रही है?
  1. विभिन्न दर्शन ग्राही
  2. श्रव्य-भाषिक
  3. सम्प्रेषणात्मक भाषा शिक्षण
  4. समग्र भौतिक प्रतिक्रिया (Total Physical Response)

व्याख्या: समग्र भौतिक प्रतिक्रिया (TPR) एक भाषा शिक्षण विधि है जिसमें छात्र शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से निर्देशों का जवाब देते हैं। यहाँ बच्चे अंग का नाम सुनकर उसे स्पर्श कर रहे हैं।

93. विद्यार्थी पिछली इकाई से शब्द लेकर पाँच प्रश्नों के उत्तर समूह में देने का काम कर रहे हैं। वे अपने सवालों को दूसरे समूहों के साथ अदला-बदली करते हैं और सवालों के उत्तर देने की कोशिश करते हैं। यह किसका उदाहरण है?
  1. सहपाठी आकलन
  2. स्व-आकलन
  3. पृष्ठ-पोषण (फीडबैक)
  4. पठन आकलन

व्याख्या: जब विद्यार्थी एक-दूसरे के काम का मूल्यांकन करते हैं या एक-दूसरे से प्रश्न पूछते हैं, तो यह सहपाठी आकलन (Peer assessment) का उदाहरण है।

94. 'मुझे यह काम बहुत ही पसंद है - जब अध्यापिका मुझे एक कार्ड देती है, जिस पर कोई शब्द या वाक्य लिखा होता है। मैं उससे संबंधित अभिनय करती हूँ और समूची कक्षा उस शब्द/वाक्य के बारे में अनुमान लगाती है।' शिक्षार्थी की प्राथमिकताओं के साथ शिक्षार्थी की टिप्पणी की पहचान कीजिए।
  1. जब मैं गति-बोधक तरीके से संलग्न रहती हूँ तो मुझे भाषा अच्छी तरह से याद रहती है।
  2. जब मैं देखती हूँ तो मुझे भाषा अच्छी तरह से याद रहती है।
  3. जब मैं सुनती हूँ तो मुझे भाषा अच्छी तरह से याद रहती है।
  4. जब मैं कार्ड से वाक्य को याद करती हूँ तो मुझे भाषा अच्छी तरह से याद रहती है।

व्याख्या: अभिनय करना एक गति-बोधक (kinesthetic) गतिविधि है। यह टिप्पणी दर्शाती है कि शिक्षार्थी शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से बेहतर सीखता है।

95. निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए:
अभिकथन (A): विद्यालय में प्रवेश करने वाले सभी बच्चे अपनी आयु अनुसार भाषा के सक्षम प्रयोगकर्ता होते हैं।
तर्क (R): भाषिक और सांस्कृतिक विविधता के कारण वे अपनी योग्यताओं का प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।
  1. (A) ग़लत है, परन्तु (R) सही है।
  2. (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
  3. (A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  4. (A) सही है, परन्तु (R) ग़लत है।

व्याख्या: बच्चे स्कूल आने से पहले ही अपनी मातृभाषा के सक्षम प्रयोगकर्ता होते हैं (A सही है)। भाषिक और सांस्कृतिक विविधता उनकी योग्यताओं के प्रदर्शन में बाधा नहीं बनती, बल्कि एक संसाधन होती है (R गलत है)।

96. कक्षा V का मंजीत अपने अध्यापक से अलग शैली में बात करता है, अपने मित्रों से कुछ अलग तरह से और एक दो-वर्षीय बच्चे से कुछ अलग तरह से बात करता है। इसका तात्पर्य यह हुआ कि मंजीत जानता है कि सामाजिक स्थितियों में भाषा का प्रयोग किस तरह से करना है। भाषा के इस गुण को किस रूप में जाना जाता है?
  1. वाक्गत
  2. प्रकृतिवादी
  3. अर्थगत
  4. उपयोगितावादी

व्याख्या: विभिन्न सामाजिक संदर्भों में भाषा का उचित रूप से उपयोग करने की क्षमता को उपयोगितावाद या प्राग्मेटिक्स (Pragmatics) कहा जाता है।

97. एक माँ ने इस बात की ओर ध्यान दिया कि उसकी बच्ची कभी-कभी ऐसे शब्द बोल जाती है जो न तो उसने कभी किसी वयस्क से सुने हैं और न ही अपने भाई-बहनों से सुने हैं। इस बात को लेकर वह भ्रमित है, क्योंकि उसका मानना है कि बच्चे अपने परिवार और आस-पास के परिवेश में लोगों का अनुकरण करके भाषा सीखते हैं। उसका यह मत किससे प्रतिध्वनित (मेल खाता) होता है?
  1. बहुभाषावाद
  2. सहजवाद (प्राकृतवाद)
  3. व्यवहारवाद
  4. रचनावाद

व्याख्या: व्यवहारवाद का सिद्धांत यह मानता है कि भाषा अनुकरण (imitation) और पुनर्बलन (reinforcement) के माध्यम से सीखी जाती है। माँ का विश्वास इसी सिद्धांत से मेल खाता है।

98. कौशलों के उस समूह को क्या कहेंगे जो बच्चे औपचारिक पठन निर्देश शुरू करने से पहले विकसित कर लेते हैं और जो बाद के अकादमिक कौशलों के लिए बुनियाद प्रदान करता है?
  1. उद्गामी साक्षरता
  2. उद्गामी (इमरजेंट) समाधान
  3. उद्गामी पाठ्यचर्या
  4. उद्गामी गुणधर्म

व्याख्या: औपचारिक पठन सीखने से पहले बच्चों द्वारा विकसित किए गए कौशल, जैसे किताब पकड़ना, चित्र देखकर कहानी का अनुमान लगाना आदि, उद्गामी साक्षरता कहलाते हैं।

99. एक दादी/नानी अपने घर में छोटे बच्चों को पुस्तकों से कहानियाँ पढ़कर सुनाना पसंद करती है। इस तरह से वह उन्हें पुस्तकों व नए विचारों से परिचित करवाती है, और बच्चे भी इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से संलग्न रहते हैं। इस तकनीक को किस रूप में जाना जाता है?
  1. सस्वर पठन
  2. मॉडल पठन
  3. साझा पठन
  4. संभाषिक पठन (Dialogic reading)

व्याख्या: संभाषिक पठन में वयस्क और बच्चे के बीच किताब पढ़ते समय संवाद होता है, जिसमें प्रश्न पूछना, चर्चा करना और सक्रिय भागीदारी शामिल है।

100. पठन सिखाने का वह उपागम जिसमें मूल तत्त्वों जैसे वर्णों और स्वनिम से शुरू किया जाता है और जिसमें बच्चों को यह सिखाया जाता है कि समग्र रूप से पठन सीखने से पहले स्वनिम को शब्दों से मिलाया जाता है, इस उपागम को क्या कहेंगे?
  1. संरचनात्मक उपागम
  2. शीर्ष-अधोमुखी (टॉप-डाउन) उपागम
  3. अधोमुखी (बॉटम-अप) उपागम
  4. समग्र भाषा उपागम

व्याख्या: बॉटम-अप उपागम में पठन-पाठन की शुरुआत छोटे घटकों (जैसे वर्ण, ध्वनि) से होती है और फिर शब्द, वाक्य और पूरे पाठ की ओर बढ़ा जाता है।

101. निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कीजिए:
अभिकथन (A): ध्वन्यात्मक वर्तनी के प्रयोग से सही वर्तनी लिखना सीखने की योग्यता मंद पड़ जाती है।
तर्क (R): जब बच्चे पारंपरिक वर्तनी के स्थान पर अपनी 'आविष्कृत' वर्तनी का उपयोग करते हैं, तब यह सही वर्तनी लिखने की उनकी योग्यता को मंद नहीं करती है।
  1. (A) ग़लत है, परन्तु (R) सही है।
  2. (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
  3. (A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  4. (A) सही है, परन्तु (R) ग़लत है।

व्याख्या: बच्चों द्वारा आविष्कृत वर्तनी का उपयोग करना सीखने की प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा है और यह उनकी सीखने की क्षमता को धीमा नहीं करता है (R सही है)। इसलिए यह कहना कि इससे योग्यता मंद पड़ती है, गलत है (A गलत है)।

102. नई भाषा सीखते समय, बहुत से विद्यार्थी भाषा के अद्वितीय उच्चारण संबंधी नियमों के कारण भाषा बोलते समय प्रायः आत्मविश्वास की कमी का सामना करते हैं। इस समस्या को दूर करने का तरीका क्या है?
  1. जब-जब उन्हें समस्या आए, उनकी ग़लती में सुधार किया जाए।
  2. बच्चे कक्षा में सस्वर वाचन करें।
  3. कक्षा में ऐसे खेलों जैसी गतिविधियों का प्रयोग किया जाए जिसमें मौखिक अन्तःक्रियाएँ अधिक हों।
  4. काउन्सलर के साथ विशेष वाक् थेरेपी सत्र आयोजित किए जाएँ और ड्रिल के माध्यम से अभ्यास किया जाए।

व्याख्या: खेल-आधारित और मौखिक अंतःक्रिया वाली गतिविधियाँ एक सुरक्षित और मजेदार वातावरण प्रदान करती हैं, जिससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे बिना झिझक के भाषा का प्रयोग करते हैं।

103. कक्षा III की अध्यापिका अपने शिक्षार्थियों को नई शब्दावली से परिचित करवा रही है। निम्नलिखित में से कौन-सा नई शब्दावली सिखाने का प्रभावशाली तरीका है?
  1. अध्यापिका श्यामपट्ट पर शब्द का अर्थ लिखे और शिक्षार्थियों को उसे याद करने के लिए कहे।
  2. अध्यापिका शब्दों के विलोम शब्द बताए और बच्चों की भाषा में उन शब्दों के अर्थ बताए।
  3. अध्यापिका बच्चों को शब्दों की ठोस परिभाषा बताए।
  4. अध्यापिका स्थिति विशेष के अनुसार उस शब्द का अर्थ समझाने की कोशिश करे।

व्याख्या: संदर्भ (context) में शब्दावली सिखाना सबसे प्रभावशाली तरीका है। जब बच्चे किसी स्थिति या कहानी के संदर्भ में नए शब्द सीखते हैं, तो वे उसका अर्थ बेहतर ढंग से समझते और याद रखते हैं।

104. भाषा सीखना किससे संबंधित है?
  1. कौशल
  2. अर्जन
  3. प्रक्रिया
  4. उत्पाद

व्याख्या: भाषा सीखना एक कौशल (skill) है, जिसमें सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना शामिल है, और इसे अभ्यास के माध्यम से विकसित किया जाता है।

105. पठन के तरीकों का, पाठक को क्या करना चाहिए, से मिलान कीजिए:
a. अनुमान लगाना i. अपरिचित शब्दों को समझने के लिए पाठ्य सामग्री के कुछ हिस्सों से मदद लेनी चाहिए।
b. निष्कर्ष निकालना ii. पाठ्य-वस्तु किस बारे में है यह जानने के लिए शीर्षक और चित्रों का प्रयोग करना।
c. संदर्भ से जोड़कर अर्थ निकालना iii. लेखक कैसे लिखते हैं, इसके आधार पर यह तय करना कि क्या लिखा गया है।
d. गहन पठन iv. सूचना की संरचना कैसे की गई है, यह समझने के लिए।
e. पाठ्य-वस्तु के संयोजन की पहचान v. भाषा कैसे प्रयुक्त की गई है इस पर ध्यान केंद्रित करना।
  1. a-iii, b-ii, c-i, d-v, e-iv
  2. a-ii, b-iii, c-i, d-v, e-iv
  3. a-i, b-iv, c-v, d-ii, e-iii
  4. a-v, b-i, c-ii, d-iv, e-iii

व्याख्या: सही मिलान है: अनुमान लगाना (a-ii) - शीर्षक/चित्रों का प्रयोग, निष्कर्ष निकालना (b-iii) - लेखक के आधार पर तय करना, संदर्भ से अर्थ निकालना (c-i) - अपरिचित शब्दों को समझना, गहन पठन (d-v) - भाषा के प्रयोग पर ध्यान, संयोजन की पहचान (e-iv) - संरचना समझना।


गद्यांश (प्रश्न 106 से 114)

"अपने स्वार्थ या संस्कृति के कारण सामान्य व्यवहार में हम कितनी ही बार सबसे धन्यवाद बोलते हैं। तो यह कृतज्ञता सिर्फ़ उन्हीं तक सीमित क्यों? हमें मानव जन्म देने वाले ईश्वर के लिए और जलवायु, भोजन, ऊर्जा जैसे बहुत सारे उपहार देने वाली प्रकृति के लिए भी क्यों नहीं? हम ईश्वर से संवाद करें कि वह हमारे हृदय में पवित्रता, सद्गुणों के प्रकाश को आलोकित करें। दुखों के कारण तो हमारे विकार हैं, बुराइयाँ हैं। हर बुराई अज्ञान के अंधकार में फैलती है, प्रकाश होते ही उसका सामर्थ्य खत्म हो जाता है। सुख-दुख दोनों ही हमारे कर्मों के फल हैं। हमें समझना चाहिए कि बिना दुख भोगे, सुख नहीं पाया जा सकता है। मानवीय पुरुषार्थ करते रहें, मन की कोठरी को स्वच्छ रखें, जहाँ ज़रूरत हो, प्रायश्चित भी अवश्य करें। कौन जाने कब किस रूप में प्रभु किस माध्यम से सहायक हो जाएँ। ईश्वर के प्रति आभार प्रकट करना एक ऐसा अचूक तरीका है जो हमें असंतुष्टि और ईर्ष्या जैसी निकृष्ट बातों से ऊपर उठाता है और यही हमारे जीवन का मूलभूत लक्ष्य है।"

106. गद्यांश के अनुसार सबसे धन्यवाद कहने का कारण नहीं है:
  1. दया
  2. स्वार्थ
  3. संस्कृति
  4. स्वभाव
107. 'हर बुराई अज्ञान के अंधकार में फैलती है।' से तात्पर्य है:
  1. अज्ञानी व्यक्ति बुराइयाँ फैलाता है।
  2. अँधेरा होते ही बुराइयाँ फैल जाती हैं।
  3. अँधेरा सब बुराइयों की जड़ है।
  4. अज्ञानता के कारण बुराइयाँ फैलती हैं।
108. 'सुख-दुख' का कारण है:
  1. प्रारब्ध
  2. भाग्य
  3. दुर्भाग्य
  4. कर्म
109. गद्यांश के अनुसार प्रायश्चित के साथ-साथ मानव को क्या करना चाहिए?
  1. सुख भोगना
  2. सफ़ाई करना
  3. पुरुषार्थ
  4. दुख भोगना
110. 'मन की कोठरी को स्वच्छ रखें', से तात्पर्य है:
  1. मन सब विकारों का कारण है
  2. मन को नियंत्रण में रखना
  3. मन से बुरे भावों का निष्कासन
  4. मन के अनुसार कार्य करना
111. जीवन का मुख्य लक्ष्य है:
  1. ईश्वर के प्रति अनासक्ति
  2. ईश्वर की भक्ति करना
  3. ईश्वर के प्रति आभार प्रकट करना
  4. ईर्ष्या से ऊपर उठना

व्याख्या: गद्यांश के अनुसार, ईश्वर के प्रति आभार प्रकट करना हमें असंतुष्टि और ईर्ष्या से ऊपर उठाता है, जो जीवन का मूलभूत लक्ष्य है।

112. 'स्वार्थ' का विलोम है:
  1. निःस्वार्थ
  2. प्रयोजन
  3. स्वार्थपरायणता
  4. परोपकार
113. 'मानवीय' शब्द में प्रत्यय है:
  1. वीय
  2. ईय
  3. इय

व्याख्या: मूल शब्द 'मानव' में 'ईय' प्रत्यय लगने से 'मानवीय' बनता है।

114. कौन-सा शब्द-युग्म समूह से भिन्न है?
  1. शुद्ध-अशुद्ध
  2. सुख-दुख
  3. ज्ञान-अज्ञान
  4. अंधकार-अँधेरा

व्याख्या: 'अंधकार-अँधेरा' समानार्थी शब्द-युग्म है, जबकि अन्य सभी विलोमार्थी (विपरीतार्थक) हैं।


काव्यांश (प्रश्न 115 से 120)

आया समय, उठो तुम नारी,
युग-निर्माण तुम्हें करना है।
आज़ादी की खुदी नींव में,
तुम्हें प्रगति पत्थर भरना है।
अपने को कमज़ोर न समझो,
जननी हो संपूर्ण जगत की, गौरव हो।

115. कविता का मुख्य स्वर है:
  1. गौरव गाथा
  2. युग-निर्माण
  3. स्त्री-शक्ति
  4. स्वतंत्रता
116. कविता के अनुसार स्वतंत्रता-प्राप्ति में स्त्री की भूमिका है:
  1. औसत
  2. संज्ञान योग्य
  3. नगण्य
  4. अप्रासंगिक

व्याख्या: कविता में स्त्री को 'आज़ादी की खुदी नींव में प्रगति पत्थर भरने' का आह्वान किया गया है, जो एक महत्वपूर्ण और संज्ञान योग्य भूमिका है।

117. स्त्री के लिए किस 'विशेषण' का प्रयोग नहीं किया गया है?
  1. सबला
  2. नींव
  3. अबला
  4. गौरव

व्याख्या: कविता में 'कमज़ोर न समझो' कहकर अबला न होने का संकेत है, लेकिन 'अबला' शब्द का सीधा प्रयोग नहीं हुआ है। सबला का भाव है, नींव और गौरव का उल्लेख है।

118. स्त्री की निर्माणकारी शक्ति का भाव कविता की किस पंक्ति में निहित है?
  1. युग-निर्माण तुम्हें करना है।
  2. आज़ादी की खुदी नींव।
  3. जननी हो संपूर्ण जगत की।
  4. कमज़ोर न समझो।
119. कविता के अनुसार स्त्री को:
  1. गौरव-गान करते रहना होगा।
  2. पत्थर भरने का कार्य ही करना होगा।
  3. स्वयं की शक्ति को पहचानना होगा।
  4. जननी के रूप में ही रहना होगा।

व्याख्या: 'अपने को कमज़ोर न समझो' पंक्ति का भाव यही है कि स्त्री को अपनी शक्ति को पहचानना चाहिए।

120. 'जननी हो संपूर्ण जगत की ......।' पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
  1. अनुप्रास
  2. उपमा
  3. रूपक
  4. यमक

व्याख्या: पंक्ति में 'ज' वर्ण की आवृत्ति ('जननी', 'जगत') के कारण अनुप्रास अलंकार है।

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भाषा शिक्षण से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: CTET में भाषा I और भाषा II में क्या अंतर है?

भाषा I का कठिनाई स्तर भाषा II की तुलना में थोड़ा अधिक होता है। भाषा I में प्रश्न साहित्य और भाषा की गहरी समझ पर केंद्रित होते हैं, जबकि भाषा II में भाषा की बुनियादी समझ और संप्रेषण कौशल पर अधिक जोर दिया जाता है।

प्रश्न 2: भाषा पेडागॉजी के लिए कौन से टॉपिक्स महत्वपूर्ण हैं?

भाषा पेडागॉजी के लिए भाषा अधिग्रहण और सीखना, भाषा शिक्षण के सिद्धांत, श्रवण और वाचन की भूमिका, भाषा कौशल (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना), मूल्यांकन, और उपचारात्मक शिक्षण जैसे टॉपिक्स बहुत महत्वपूर्ण हैं।


निष्कर्ष

हमें उम्मीद है कि CTET 2023 के भाषा I (हिंदी) खंड का यह हल प्रश्न पत्र आपकी तैयारी में उपयोगी साबित होगा। भाषा खंड में अच्छा स्कोर करने के लिए गद्यांश और पद्यांश का अभ्यास करना और पेडागॉजी की अवधारणाओं को समझना बहुत महत्वपूर्ण है।

आपकी सफलता की कामनाओं के साथ,
M S WORLD - The World of HOPE 😊

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